बर्फ़ का इंतज़ार है
दिल को अब भी प्यार है
जो चला गया दूर कहीं
उसका एहसास साथ है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
यादों का उपहार है
दर्द नहीं अब इन बातों में
बस मीठा-सा एक संसार है।
सर्द हवाएँ चुपके-चुपके
बीती बातें गुनगुनाएँ
सूने आँगन, खाली राहें
दिल में यादों के दीप जलाएँ।
धीमी-धीमी शाम उतरती
मन से कोई बात करे
चुपके से तेरी यादें आकर
मेरे दिल के पास ठहरें।
हर मौसम बदलता जाए
वक़्त नई कहानी लिख जाए
पर कुछ लम्हे ठहर के जैसे
साँसों में ही घर कर जाएँ।
देवदारों की छाँव तले
सपनों के वो रंग सुहाने
आज भी दिल के कोनों में
धीमे-धीमे हैं मुस्काने।
उड़ते परिंदे दूर गगन में
नई दिशाओं को अपनाएँ
मैं भी अपनी तन्हाई में
कुछ पुराने गीत सुनाऊँ।
जो बीता वो सपना बनकर
आँखों में फिर आ जाता है
दूर गया जो दिल से मेरे
एहसास वही रह जाता है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
दिल को अब भी प्यार है
जो चला गया दूर कहीं
उसका एहसास साथ है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
यादों का उपहार है
दर्द नहीं अब इन बातों में
बस मीठा-सा एक संसार है।
इन पहाड़ों की ख़ामोशी में
तेरी धड़कन सुनता हूँ
बर्फ़ीली इन राहों से मैं
तेरे सपनों तक चलता हूँ।
वक़्त भले ही दूर ले जाए
रिश्ते दिल से टूट न पाएँ
यादों के इन उजले पन्नों में
हम फिर से मुस्कुराएँ।
जब भी बादल घर लौटें
मेरे संदेश साथ लाएँ
हर गिरती बर्फ़ की किरण में
मेरे निशाँ नज़र आएँ।
मैं भी चुपचाप दुआ करूँ
तू खुश रहे हर हाल में
मेरी याद अगर आए तुझको
मुस्काना बस प्यार में।
बर्फ़ का इंतज़ार है
दिल में तेरा प्यार है
फासलों के उस पार भी
मेरा एहसास साथ है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
यादों का उपहार है
खोया कुछ भी नहीं यहाँ
प्रेम अभी भी ज़िंदा है।
रात ढली तो चाँद ने आकर
मन की खिड़की खोल दी।
पहली बर्फ़ की सफ़ेद चादर
हर दूरी को घोल दी।
अब न कोई शिकवा बाकी
न दिल में कोई भार।
न कोई अधूरी पुकार
न टूटा कोई प्यार।
यादें बनकर साथ चलें तो
हर मौसम प्यार से भर जाए।
दूर रहें या पास रहें हम
दिल का रिश्ता रह जाए।
बर्फ़ का इंतज़ार है
दिल को अब भी प्यार है
जो कभी था पास मेरे
उसका एहसास साथ है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
यादों का उपहार है
दर्द नहीं अब इन बातों में
बस मीठा-सा एक संसार है।
बर्फ़ का इंतज़ार है
दिल में तेरा प्यार है
दूर सही पर आज भी मुझमें